BrahmanKshyatriya
BaishyaSudra
January 25, 2026

SMruti_The_Memory

Memory The meaning of SMruti

गां भोजी

गांव_के_बियाह
पहले गाँव मे न टेंट हाऊस थे और न कैटरिंग
थी तो बस सामाजिकता के आधार पे गां भोजी।।
गांव में जब कोई शादी ब्याह होते तो घर घर से चारपाई आ जाती थी, या लाया जाता था।
हर घर से थरिया, लोटा, कलछुल, कराही इकट्ठा हो जाता था।
और गाँव की ही महिलाएं एकत्र हो कर खाना बना देती थीं ।।
औरते ही मिलकर दुलहिन तैयार कर देती थीं और हर रसम का
गीत गारी वगैरह भी खुद ही गा डालती थी ।।
तब DJ अनिल-DJ सुनील जैसी चीज नही होती थी और न ही कोई आरकेस्ट्रा वाले फूहड़ गाने ।।
गांव के सभी बड़े बूढ़े समागम होते थे, पूरे दिन हंसी मजाक में, सुचारू रूप से हर काम होता था।
हंसी ठिठोली चलती रहती और समारोह का कामकाज भी।
शादी ब्याह मे गांव के लोग बारातियों के खाने से पहले खाना नहीं खाते थे, क्योंकि यह घरातियों की इज्ज़त का सवाल होता था ।।
गांव की महिलाएं गीत गाती जाती और अपना काम करती रहती ।।
सच कहु तो उस समय गांव मे सामाजिकता के साथ समरसता होती थी ।।
खाना परसने के लिए गाँव के लौंडों का गैंग ontime इज्जत सम्हाल लेते थे ।

To be continued…..

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