BrahmanKshyatriya
BaishyaSudra
January 25, 2026

SMruti_The_Memory

Memory The meaning of SMruti

पान खाने के शौकीन लोगों देखकर मन तो मचल गया होगा ना

पान खाना या थूकना

दोनों ही कुछ खाश सिखाता हैं, सिखाया हैं, हम सीखे हैं, सिखाएंगे। बस सिख लो, सिखना ही एक सीखना हैं।

पान खाने का शौक रखने वाले लोग अपने साथ पानदान उसी प्रकार से साथ में लेकर चलते थे जिस प्रकार से आजकल हम लोग अपनी मोबाइल हर वक्त अपने साथ रखते हैं। (सम्मान)


   हमारे पूजन पद्धति में, और पूजन के समय भी पान के पत्ते समर्पित किए जाते हैं।

एक समय था जब पान मिष्ठान में शामिल हुआ करता था। घर आए अतिथि को पान खिलाते थे,
बड़े बूढ़े सब, सबका दो थैली होता था, एक में सोने के सिक्के, दूसरे में श्रीमती द्वारा बनाया गया पान होता ही था।

पान खाना ख़ुशी की बात समझा जाता था।


    मगही पान  बनारसी पान गिलोरी पान की बात ही निराली थी।
पहले के समय में घर में कोई भी खुशी की माहौल होता था तो,  में पान लगाने के लिए एक मिलन सिल भाई को खड़ा किया जाता था, जो सबको सन्मान पूर्वक इच्छापूर्ति पान बताते थे।


पान खिलाना और उसकी पुड़िया बनाना भी एक कला है, सबसे उस तरह से कभी पुड़िया न बन सकी जिस तरह पान वाले पुड़िया बना लेते थे बड़े बूढ़े।


    जब तक पान में चूना, कत्था,सुपारी, मुलेथी,सौंफ, इलायची जैसी चीजें डालकर बनता था इससे अलग अलग जगह अलग अलग प्रकार से खाते थे, जैसे बड़ा पाव ओर रोटी।
  आजकल तो chemical से जलता आग वाला पान खाते हैं, मगर क्यूं खाए कोई पूछे बिना, खाते हैं,ओर खींच लेते है 📲 पे,  लगता है मानो पान नहीं खा रहे हैं बल्कि मुहँ में डालते हुए 🤳 चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार, भोजन के बाद पान चबाने से पाचन क्रिया आसान हो जाती है, क्योंकि यह पाचक रसों के स्राव को बढ़ाता है, पेट की सूजन को कम करता है, कब्ज से राहत देता है और आंतों के परजीवी को नष्ट करता है.

भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में पान के पत्तों का पेस्ट चबाने से न केवल आंतों की सेहत बढ़ती है, बल्कि सांसों की दुर्गंध, मुंह की दुर्गंध से लड़ने के साथ-साथ दांतों के दर्द, मसूड़ों में दर्द, सूजन और मुंह के संक्रमण से भी राहत मिलती है.

पान का पत्ता किसे नहीं खाना चाहिए?
बहुत ज्यादा खाने से मुंह में जीभ ओर दांत एक सामान दिखता हैं।

मीठे पान के दुष्प्रभावों में से एक यह है कि यह आपके मसूड़ों में जलन पैदा कर सकता है।

और जब आप बहुत ज्यादा चबाते हैं तो आपके जबड़े सख्त हो सकते हैं.

मस्तिष्क में रक्त संचालन सही होता हैं।

काले घेरों पर

#पान के पत्ते को बारीक पीसकर इसमें कुछ बूँदे नारियल के तेल की मिलाकर काले घेरों पर लगाएँ।

चाय की पत्ती को दूध में भिगोकर रातभर रखें। इन दोनों को अच्छे से मिलाकर डार्क सर्कल्स पर लगाएँ।

घुटनों और कोहनियों का कालापन मिटाने के लिए पाईनापल के गूदे को घुटनों और कोहनियों पर कुछ देर लगाने के बाद ठंडे पानी से धो लें।

Above edited by #smrutithememory

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